सिंगरौली कलेक्टर चंदशेखर शुक्ला जी के पास 66 लाख की सम्पत्ति

सिंगरौली कलेक्टर चंदशेखर शुक्ला जी के पास 66 लाख की सम्पत्ति 

रीवा और सतना कलेक्टर के पास नहीं है प्रॉपर्टी, सादगी और ईमानदारी की मिसाल बने दोनों अधिकारी
मध्यप्रदेश के प्रशासनिक महकमे से इन दिनों एक खबर चर्चा में है। कारण है — रीवा और सतना जिले के कलेक्टरों द्वारा घोषित की गई उनकी संपत्ति। देशभर के आईएएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा केंद्र सरकार के डीओपीटी पोर्टल पर सार्वजनिक किया है। इस सूची में रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल और सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया है कि उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है।

पद बड़ा, जीवन सादा

रीवा और सतना जैसे बड़े जिलों के कलेक्टर होने के बावजूद दोनों अधिकारियों का प्रॉपर्टी शून्य होना सबको हैरान कर रहा है। यह दिखाता है कि दोनों अफसर सरकारी सेवा को केवल जिम्मेदारी और कर्तव्य मानकर निभा रहे हैं, न कि निजी लाभ के लिए।

जनता में हो रही प्रशंसा

रीवा और सतना के स्थानीय लोगों के बीच यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। लोग सोशल मीडिया पर दोनों अफसरों की ईमानदारी और सादगी की तारीफ कर रहे हैं। आज के दौर में जहां संपत्ति और संसाधनों की होड़ लगी है, वहां बिना किसी जमीन-जायदाद के प्रशासनिक सेवा देना अपने आप में एक मिसाल है।

दूसरे अफसरों के पास करोड़ों की संपत्ति

वहीं दूसरी ओर अन्य जिलों के कलेक्टरों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड के पास 1.45 करोड़ की संपत्ति है। सिंगरौली कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने 66 लाख की संपत्ति घोषित की है। मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन के पास 65 लाख की संपत्ति है।

क्यों खास है यह खबर?

आज जब देशभर में सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों की संपत्ति और भ्रष्टाचार के किस्से सामने आते हैं, ऐसे में रीवा और सतना के कलेक्टरों का यह उदाहरण यह साबित करता है कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी जिंदा है।

इन दोनों अफसरों का सादा जीवन और पारदर्शी प्रशासनिक कार्यशैली निश्चित रूप से युवा अफसरों और आम जनता के लिए प्रेरणा है।

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