कलेक्टर की अनूठी पहल, 'तेजस्विनी' योजना से बेटियाँ बनेंगी प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन
कलेक्टर की अनूठी पहल, 'तेजस्विनी' योजना से बेटियाँ बनेंगी प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन
सागर 20 जनवरी 2026
जिले की शिक्षित किशोरियों और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। सागर कलेक्टर श्री संदीप जीआर के निर्देशन में 'तेजस्विनी योजना' की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को पारंपरिक कार्यों से हटकर तकनीकी क्षेत्रों जैसे प्लंबिंग और इलेक्ट्रिशियन के कार्यों में प्रशिक्षित करना है। योजना की खास बात यह है कि इसमें विभिन्न विभागों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), विद्युत विभाग (MPEB) विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
आईटीआई के माध्यम से मिलेगा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
योजना के तहत चयनित महिलाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के माध्यम से प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इससे उन्हें न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें प्रमाण पत्र भी मिलेगा, जिससे उनकी बाजार में साख बढ़ेगी।
स्व-सहायता समूहों की मुख्य भूमिका
'तेजस्विनी योजना' के अंतर्गत स्व-सहायता समूह (SHGs) सक्रिय रूप से जुड़ेंगे। गांव की पढ़ी-लिखी किशोरियों और महिलाओं की पहचान करने से लेकर उन्हें प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने तक की जिम्मेदारी इन समूहों की होगी।
योजना के लाभ
कौशल विकास: महिलाओं को उन क्षेत्रों में हुनर मिलेगा जहाँ आमतौर पर पुरुषों का दबदबा रहता है।
रोजगार के अवसर: गांव और पंचायत स्तर पर होने वाले संधारण कार्यों (Maintenance) में इन महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
आर्थिक स्वावलंबन
तकनीकी कौशल आने से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकेंगी।
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