यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग सख्तः सागर संभाग में विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान शुरू

यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग सख्तः सागर संभाग में विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान शुरू

सागर। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे बस एक्सीडेंट्स और सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की अनदेखी के मामलों को देखते हुए परिवहन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। परिवहन आयुक्त महोदय श्री उमेश जोगा के कड़े निर्देशों के पालन में, पूरे प्रदेश के साथ-साथ सागर संभाग में भी यात्री बसों की सघन जांच के लिए एक विशेष अभियान (Special Drive) चलाया जा रहा है। जब से परिवहन आयुक्त ने पदभार संभाला है, तब से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और बस ऑपरेटर्स पर चेकिंग में सख्ती काफी बढ़ा दी गई है।

इसी कड़ी में आर टी ओ सागर महोदय के नेतृत्व में आर टी ओ उड़नदस्ता सागर एवं टीमद्वारा मुख्य मार्गों और आरटीओ कार्यालय के सामने संयुक्त चेकिंग कार्रवाई (Joint Checking Drive) की गई। इस दौरान आने-जाने वाली यात्री बसों को रोककर उनकी गहन जांच की गई।

| विशेष जांच के मुख्य बिंदु (Checking Points):

आपातकालीन द्वार (Emergency Exit): यह सुनिश्चित किया गया कि सभी बसों में आपातकालीन द्वार चालू हालत में और खुले हुए हों ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री आसानी से बाहर निकल सकें।

द्वार के सामने सीट पर रोकः आपातकालीन निकास द्वार के ठीक सामने किसी भी तरह की अतिरिक्त सीट फिट नहीं होनी चाहिए। जांच में जिन बसों में ऐसी सीटें पाई गईं, उन्हें मौके पर ही खुलवाया गया।

अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher): बसों में सुरक्षा उपकरणों के रूप में 10 kg क्षमता के अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता

और उनकी सक्रियता की जांच की गई।

आगमन-निगमन के पृथक द्वारः बसों में यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग द्वार (Separate Entry & Exit Doors) होना अनिवार्य है।

स्लीपर बसों में पार्टीशनः स्लीपर बसों में चालक (ड्राइवर) केबिन और यात्रियों के बैठने/सोने के बीच कोई भी पार्टीशन द्वार नहीं

होना चाहिए।

परिवहन आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन कराते हुए जब जांच की गई, तो अधिकांश वाहन नियमों के अनुरूप उपयुक्त पाए गए। हालांकि, जिन वाहनों में कमियां पाई गईं, उनके खिलाफ तत्काल चालानी कार्रवाई की गई। मौके पर ही आपातकालीन द्वारों को ब्लॉक करने वाली अतिरिक्त सीटों को हटवाया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली डिफाल्टर बसों से कुल 10,500/- रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया।

कार्रवाई के दौरान, टीम द्वारा कुल 48 बसों की सघन जांच की गई। इसके साथ ही टीम द्वारा बसों के अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे- फिटनेस प्रमाण पत्र (Fitness Certificate), परमिट, बीमा दस्तावेज (Insurance Documents) और ड्राइवरों के वैध लाइसेंस व बैज की भी जांच की गई। साथ ही, बसों में फर्स्ट ऐड बॉक्स, हेडलाइट, इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर और ओवरलोडिंग की
स्थिति को भी चेक किया गया। चेकिंग टीम द्वारा ड्राइवरों को सख्त हिदायत दी है कि ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन आयुक्त का सख्त निर्देशः

"यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आपातकालीन द्वार और सुरक्षा उपकरण यात्रियों की जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह विशेष चेकिंग कार्रवाई तब तक निरंतर जारी रहेगी, जब तक कि प्रदेश में सभी वाहन पूरी तरह नियमानुसार और सुरक्षित संचालित न होने लगें।"

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