वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जन-जागरूकता रैली को रवाना एवं शपथ दिलाई
आम नागरिकों से अपील की हैं कि आयोडीन युक्त नमक ही इस्तेमाल करें - डॉ. ममता तिमोरी
सागर 21 अक्टूबर 2024
वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी जिला द्वारा जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ में डॉ.अभिषेक यादव डीपीएम, डॉ. विपिन खटीक, जॉली शाबू नोडल अधिकारी एनआईडीडीसीपी, आर. के. जडिया,डि.एमईआईओ, कान्ति तन्तुवाय, अनिता वाचपेई, सुनिता वर्मा सिस्टर टयूटर, बीएमसी सिस्टर ट्यूटर, प्रशिक्षु स्टॉफनर्स, हेमराज अहिरवार, शहरी आशा कार्यकर्त्ता, आदि रैली में सम्मिलित हुई । यह रैली जिला चिकित्सालय परिषर से होते हुये बीएमसी से वापिस जिला चिकित्सलय परिषर में समाप्त हुई तत्पश्चात् सभी को शपथ दिलाई गई ।
जॉली शाबू नोडल अधिकारी एनआईडीडीसीपी ने बताया कि आयोडीनयुक्त नमक का उपयोग प्रतिदिन, बुद्धि और स्वास्थ्य सुरक्षित हर दिन, आयोडीन युक्त नमक की थैली पर हँसते हुये सूरज का निशान वाला ही नमक का उपयोग करें, इसके उपयोग न करने से होने वाले दुष्प्रभाव जैसे- गर्भ में पल रहे शिशु का कम मस्तिष्क विकास, गर्भपात, मृत बच्चे का जन्म या जन्म लेते ही शिशु की मृत्यु, बुद्धि का कम विकास, थकावट, उर्जा ही शरीर, भेंगापन, गूंगा, बहरापन, घेंघा रोग आदि विकृति हो सकती है। साथ ही आयोडीन युक्त नमक के रोजाना प्रयोग के लाभ- स्वस्थ्य बच्चे का जन्म, गर्भ में पल रहे शिशु का शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूर्ण विकास, तेज दिमाग, बच्चे का कक्षा में बेहतर प्रदर्शन एवं अधिक कार्यक्षमता इत्यादि लाभ हैं । हम सब ने यह ठाना हैं आयोडीन युक्त नमक ही खाना हैं