खाद्य सुरक्षा विभाग का मिलावटखोरों पर शिकंजा: सागर में मिष्ठान कारखाने और होटल पर छापा, कई नमूने जब्त
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी की सख्त कार्रवाई
सागर 20 अगस्त 2026
आगामी त्योहारों के मद्देनजर आमजन को शुद्ध और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। भोपाल से जारी राज्य स्तरीय निर्देशों के अनुपालन में सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में सघन जांच अभियान शुरू किया है।
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह द्वारा बम्होरी बिका स्थित 'राजस्थान स्वीट्स' के कारखाने का औचक व सघन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान संस्थान संचालक को खाद्य सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा कारखाने में कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए गए। कारखाने से गुणवत्ता परीक्षण हेतु मीठा मावा, बेसन लड्डू, मोतीचूर दाना एवं मिल्क केक के नमूने विधिवत जब्त किए गए।
इसके अतिरिक्त, कटरा स्थित 'न्यू शुभम होटल/रेस्टोरेंट' में उपभोक्ता की शिकायत पर तत्परता से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां पाए जाने पर प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही होटल की रसोई में उपयोग किए जा रहे पनीर एवं तुअर दाल के नमूने भी लिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत अमानक पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं को चेतावनी: फंगस वाली मिठाई मिली तो निरस्त होगा लाइसेंस
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जिले के सभी मिष्ठान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वर्षा ऋतु के दौरान खाद्य पदार्थों, विशेषकर मिठाइयों में फंगस (फफूंद) लगने की संभावना अधिक रहती है। अत: सभी विक्रेता दैनिक खपत के अनुरूप ही निर्माण करें और निर्धारित शेल्फ लाइफ के भीतर ही सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करें।
छेना आधारित मिठाइयों की शेल्फ लाइफ अत्यंत कम होने के कारण उनके निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि (Use-by Date) का विशेष ध्यान रखा जाए। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बासी, फंगस युक्त या दूषित खाद्य पदार्थ पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के दंडात्मक प्रावधानों के तहत है सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।नमूना असुरक्षित पाये जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में सजा का प्रावधान है।