भारत का पंचांग शक संवत नहीं, विक्रम संवत ही सर्वमान्य है: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत*
*भारत का पंचांग शक संवत नहीं, विक्रम संवत ही सर्वमान्य है: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत* *विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ पर सागर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति, परंपरा और समृद्धि का दिया संदेश* सागर दिनांक 19मार्च 2026: भारतवर्ष को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त करने वाले उज्जैनी के प्रतापी राजा सम्राट विक्रमादित्य की बेमिसाल ताकत उस विक्रम संवत की है जिसके आधार पर आज भी हमारे सभी तीज ,त्यौहार ,संस्कार व ज्योतिष गणनाएं होती है भारत का पंचांग शक संवत नहीं विक्रम संवत ही सर्वमान्य है। यह विचार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। स्थानीय रवींद्र भवन में आयोजित सृष्टि आरंभ दिवस, कोटि सूर्योपासना एवं नाट्य मंचन कार्यक्रम में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि शुद्धध काल गणना अथवा कालक्रम को आधार बनाने की वजह यदि इतिहास की पुर्नवृत्तियों और उसकी राजनीतिक भावनात्मक पक्ष को समझो तो विक्रम संवत ही भारत का राष्ट्रीय पंचांग कहलाने का हकदार है उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक प...